
झांकियों में अलग-अलग धार्मिक प्रसंगों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इनमें वासुकी नाग और गरुड़ के बीच युद्ध, यमलोक में रावण के हमले तथा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गरुड़ का घमंड तोड़ने जैसे प्रसंगों को दिखाया गया।


भीड़ के कारण झांकी मार्ग और आसपास के इलाकों में कई जगह यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन और यातायात पुलिस ने पहले ही मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की थी। झांकी मार्ग पर केवल संबंधित वाहनों और पैदल श्रद्धालुओं को प्रवेश देने की व्यवस्था की गई थी।


डीजे और धुमाल को लेकर पहले से थी निगरानी
गणेश विसर्जन झांकी से पहले सदर बाजार क्षेत्र में तेज आवाज वाले डीजे और धुमाल को लेकर स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने आपत्ति जताई थी। जर्जर भवनों को देखते हुए प्रशासन की ओर से ध्वनि स्तर नियंत्रित रखने और डीजे के बेस तथा वाइब्रेशन मोड का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। आयोजकों से निर्धारित मानकों का पालन करने की बात कही गई थी।
झांकी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा। निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी का इस्तेमाल किए जाने की व्यवस्था भी की गई थी।
झांकी मार्ग पर भीड़ और ध्वनि व्यवस्था से जुड़ी कुछ घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। हालांकि, ऐसे वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उनमें दिखाई देने वाली हर जानकारी को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।
गणेश विसर्जन को देखते हुए प्रशासन ने शहर में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। झांकी के निर्धारित मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रखी गई और लोगों से पुलिस की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई।