गणेश विसर्जन झांकी की शुरुआत शारदा चौक से हुई। इसके बाद झांकी जयस्तंभ चौक, मालवीय रोड, कोतवाली चौक, सदर बाजार, कंकालीपारा, पुरानी बस्ती और लाखेनगर होते हुए रायपुरा से महादेवघाट विसर्जन स्थल तक पहुंची। पूरे मार्ग पर देर रात तक श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ बनी रही।
झांकियों में अलग-अलग धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया गया। इनमें वासुकी नाग और गरुड़ के बीच युद्ध, यमलोक में रावण के हमले और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गरुड़ का घमंड तोड़ने जैसे प्रसंग शामिल रहे। वहीं कांतारा थीम पर तैयार झांकी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी।
भीड़ के कारण यातायात प्रभावित
झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण शहर के कई हिस्सों में यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन और यातायात पुलिस की ओर से पहले ही रूट डायवर्जन और वाहनों की आवाजाही को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी। झांकी मार्ग पर सामान्य वाहनों की एंट्री को नियंत्रित रखा गया।
डीजे और धुमाल की आवाज पर निगरानी
झांकी से पहले सदर बाजार क्षेत्र में तेज आवाज वाले डीजे और धुमाल को लेकर भी निगरानी की गई। जर्जर भवनों को ध्यान में रखते हुए ध्वनि स्तर नियंत्रित रखने और डीजे के बेस व वाइब्रेशन मोड को लेकर आयोजकों को निर्देश दिए गए थे।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए झांकी मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद ली गई। प्रशासन की ओर से लोगों से पुलिस की एडवाइजरी का पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई।
सोशल मीडिया पर झांकी और भीड़ से जुड़े कई वीडियो भी सामने आए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में दिखाई देने वाली अतिरिक्त घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि किए बिना उन्हें अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता।