पाकिस्तान की तैयारी : 30 लाख अफगानों को देश से बाहर निकालने की योजना
31-Mar-2025 4:00:51 pm
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- ईद के बाद शुरू होगी कार्रवाई
इस्लामाबाद। पाकिस्तान इस साल 30 लाख अफगानों को देश से बाहर निकालने की योजना बना रहा है। यह कदम 2023 में शुरू हुई एक कार्रवाई का हिस्सा है, जिस दौरान अफगानों को अपनी इच्छा से पाकिस्तान छोड़ने का मौका दिया गया था। इसके तहत पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रहे अफगानों को बाहर निकाला जा रहा है। सोमवार को इस अभियान की समयसीमा समाप्त हो गया है, जिसके बाद अफगानों को बाहर निकालने की योजना और तेज हो गई है। बता दें कि समयसीमा समाप्त होने के बाद इस योजना के तहत 1 अप्रैल से अफगानों को बाहर निकाला जाना था, लेकिन ईद-उल-फ़ितर के कारण इसे 10 अप्रैल तक टाल दिया गया है।
मामले में पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अब भी 30 लाख अफगान पाकिस्तान में हैं, जिनमें से कुछ के पास पंजीकरण प्रमाणपत्र हैं, जबकि कुछ के पास कोई कागज नहीं है। पाकिस्तान चाहता है कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी में रहने वाले अफगान 31 मार्च तक शहर छोड़ दें और स्वेच्छा से अफगानिस्तान लौट जाएं। जिनके पास पंजीकरण प्रमाणपत्र हैं, उन्हें 30 जून तक पाकिस्तान में रहने की अनुमति होगी। इसके साथ ही पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि निर्वासित अफ़गान को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे वापस पाकिस्तान न लौटें। सरकार विदेशी राजनयिकों के साथ मिलकर अफगानों के पुनर्वास की योजना पर काम कर रही है। 2021 में तालिबान के कब्जे के बाद हजारों अफगान पाकिस्तान आए थे, लेकिन अब पाकिस्तान उन्हें अपने देश से बाहर निकालने के लिए कदम उठा रहा है।
सम्मान के साथ अपने नागरिकों की वापसी चाहता है तालिबान
दूसरी ओर इस मामले में तालिबान चाहता है कि अफगान शरणार्थी सम्मान के साथ अपने देश वापस लौटें। तालिबान के शरणार्थी मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मुतालिब हक्कानी ने बताया कि पाकिस्तान बिना तालिबान सरकार या संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी को शामिल किए बिना अफगानों के निष्कासन के फैसले ले रहा है, जो उनके अनुसार गलत है। इसके साथ ही हक्कानी ने कहा कि अफगानों को एकतरफा तरीके से निकालना न तो अफगानों के हित में है और न ही पाकिस्तान के। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान में अफगानों के खिलाफ नफरत बढ़ सकती है। इसके साथ ही तालिबान ने यह भी कहा कि अफगानों को सम्मान के साथ वापस लाने के लिए एक उचित प्रक्रिया और आपसी समझ होनी चाहिए, ताकि वे अपने देश लौटते समय सम्मानित महसूस करें। वहाला इस निष्कासन प्रक्रिया में मदद के लिए पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में दो ट्रांजिट स्टेशन बनाए जाएंगे। एक स्टेशन पेशावर के नासिर बाग इलाके में होगा और दूसरा लांडी कोटल में, जो तोरखम क्रॉसिंग से करीब सात किलोमीटर दूर है।